प्रभु ने अब्राम से कहा, ‘तू अपने देश, जन्म-स्थान और नाते-रिश्तेदारी को छोड़कर उस देश को जा, जो मैं तुझे दिखाऊंगा।
मैं तुझसे एक बड़ा राष्ट्र उत्पन्न करूँगा। मैं तुझे आशिष दूँगा, और तेरे नाम को महान बनाऊंगा कि तू मानव-जाति के लिए आशिष का माध्यम बने। पृथ्वी के समस्त कुटुम्ब तेरे द्वारा मुझसे आशिष पाएँगे।’
प्रभु ने उन्हें दर्शन देकर कहा, ‘मैं सर्वशक्तिमान परमेश्वर हूं। मेरी उपस्थिति में रहकर निर्दोष आचरण करने का प्रयत्न कर। मैं अपने और तेरे मध्य अपना विधान स्थापित करूँगा, और तुझे अत्यधिक बढ़ाऊंगा।’
अब्राम ने मुँह के बल गिरकर प्रणाम किया। परमेश्वर ने उनसे कहा, ‘देख, तेरे साथ मेरा यह विधान है : तू अनेक राष्ट्रों का पिता बनेगा।
मैं तुझे अत्यन्त फलवन्त करूँगा, तुझसे राष्ट्र उद्भव करूँगा। तुझमें से अनेक राजा निकलेंगे।
मैं अपने और तेरे मध्य तथा तेरे पश्चात् तेरे वंश की पीढ़ी के मध्य अपना शाश्वत विधान स्थापित करता हूं कि मैं तेरा और तेरे पश्चात् तेरे वंश का परमेश्वर रहूंगा।