तेरी दया, तेरी कृपा महान

एआई द्वारा रचित एक गीत

हे प्रिय परमेश्वर, तेरे सामने मैं आता,
अयोग्य हूँ मैं, यह दिल मानता।
तेरे अनन्त जीवन के वरदान के योग्य नहीं,
पापों में गिरा, तुझसे दूर रहा यहीं।
विद्रोही रहा, तुझे अनदेखा किया,
अपने ही मार्गों में जीवन जिया,
अब पछतावे से भरकर तेरे पास आता,
क्षमा की याचना में सिर झुकाता।

तेरी दया, तेरी कृपा महान,
मुझको दे नया जीवन का दान,
प्रभु यीशु मसीह में पाऊँ मैं राह,
तू ही मेरा प्रभु, तू ही मेरी चाह।

धन्यवाद तेरा, तूने पुत्र, प्रभु यीशु मसीह, को भेजा,
मेरे लिए उसने क्रूस को सहा,
प्रभु यीशु मसीह के लहू से मिली मुझे क्षमा,
टूटे दिल को तूने दिया सहारा।
वह जी उठा मृत्यु को हराकर,
मुझे दिया जीवन नया संवारकर,
अब आशा है, अब प्रकाश है,
प्रभु यीशु मसीह में ही मेरा विश्वास है।

मुझे बदल दे, मेरे प्रभु,
तेरी इच्छा में चलूँ सदा,
प्रभु यीशु मसीह हो मेरे जीवन का राजा,
उसके संग जीऊँ हर घड़ी यहाँ।

अब जीवन तेरा, सब कुछ तेरा,
तेरे हाथों में सौंपा सवेरा,
सदा-सदा मैं तेरे संग रहूँ,
हे प्रभु, तुझमें ही मैं जीऊँ।


गीतमाला पर वापस जाएँ / back to playlist