परमेश्वर ने ये समस्त वचन कहे : ‘मैं प्रभु, तेरा परमेश्वर हूं, जो तुझे मिस्र देश से, दासत्व के घर से बाहर निकाल लाया। तू मेरे अतिरिक्त किसी और को ईश्वर नहीं मानना।
‘तू अपने लिए कोई मूर्ति न बनाना और न किसी प्राणी अथवा वस्तु की आकृति बनाना, जो ऊपर आकाश में अथवा नीचे धरती पर या धरती के नीचे जल में है।
तू झुककर उनकी वन्दना न करना और न उनकी सेवा करना; क्योंकि मैं तुम्हारा प्रभु परमेश्वर, ईष्र्यालु ईश्वर हूं।
जो मुझसे घृणा करते हैं, उनके अधर्म का दण्ड मैं तीसरी और चौथी पीढ़ी तक उनकी संतान को देता रहता हूं। परन्तु मुझ से प्रेम करने वाले और मेरी आज्ञा का पालन करने वाले व्यक्तियों पर मैं हजार पीढ़ियों तक करुणा करता हूं।
‘तू अपने प्रभु परमेश्वर का नाम व्यर्थ न लेना; क्योंकि जो व्यक्ति प्रभु का नाम व्यर्थ लेगा, उसे प्रभु निर्दोष घोषित नहीं करेगा।