पुराना नियम
उत्पत्ति 12 & 17 – अब्राहम को परमेश्वर का आह्वान
निर्गमन 19:3-6 – तुम पुरोहितों का राज्य बनोगे।
निर्गमन 20:1-7 – परमेश्वर ने ये समस्त वचन कहे
निर्गमन 34,5-9 – तू हमारे मध्य में होकर चल
व्यवस्था-विवरण 4:32-40 – प्रभु ही परमेश्वर है
व्यवस्था-विवरण 6:4-9 – प्रभु को प्रेम करना
व्यवस्था-विवरण 8,1-10 – प्रभु के मार्ग पर चल
व्यवस्था-विवरण 30,11-20 – व्यवस्था के अनुसार कार्य कर
यहोशुअ 1,6-9 – इस व्यवस्था-ग्रन्थ के शब्द
भजन संहिता
भजन संहिता 1 – धन्य है वह मनुष्य
भजन संहिता 23 – यहोवा मेरा गडेरिया है
भजन संहिता 23 – प्रभु मेरा चरवाहा है
भजन संहिता 33 – प्रभु ने कहा, और वह हो गया
भजन संहिता 34 – मैं प्रभु को हर समय धन्य कहूँगा
भजन संहिता 46 – परमेश्वर हमारे पराक्रम का भण्डार है।
भजन संहिता 51 – पाप-शुद्धि के लिए प्रार्थना
भजन संहिता 62 – मेरी आशा उसी से है।
भजन संहिता 91 – तू मेरा परमेश्वर है
भजन संहिता 91 – तू मेरा सुरक्षा स्थल है।
भजन संहिता 95 – आओ, हम प्रभु का जय-जयकार करें
भजन संहिता 98 – प्रभु के लिए नया गीत गाओ
भजन संहिता 100 – प्रभु का जयघोष करो!
भजन संहिता 103 – ओ मेरे प्राण, प्रभु को धन्य कह
भजन संहिता 103 – हे मेरी आत्मा, तू यहोवा के गुण गा!
भजन संहिता 107 – प्रभु की सराहना करो
भजन संहिता 116 – मैं प्रभु से प्रेम करता हूं
भजन संहिता 119:33-40 – मुझे संविधियों का मार्ग सिखा
भजन संहिता 119:41-48 – तेरा उद्धार मुझे प्राप्त हो
भजन संहिता 121 – मुझे प्रभु से सहायता प्राप्त होती है
नए नियम
मत्ती 5 & 6 – धन्य-वचन और प्रार्थना
योहन 3:15-21 – येशु संसार के मुक्तिदाता
रोमियों 3:22-25 – विश्वास द्वारा पापमुक्ति
रोमियों 12 – अपने को परमेश्वर के प्रति अर्पित करें
इफिसियों 1:3-7 – परमेश्वर की अपार कृपा
इफिसियों 6 – परमेश्वर के अस्त्र-शस्त्र से सुसज्जित हों
कुलुस्सियों 4:2-5, 12 – प्रार्थना करें
1 पतरस 1:3-9 – धन्य है हमारे प्रभु येशु मसीह का पिता!