हे प्रभु, मुझे अपनी संविधियों का मार्ग सिखा; मैं अन्त तक उसे मानता रहूंगा। मुझे समझ दे कि मैं तेरी व्यवस्था को मानूं और पूर्ण हृदय से उसका पालन करूं।
अपनी आज्ञाओं के पथ पर मुझे चला, क्योंकि मैं उसमें आनन्दित होता हूं। प्रभु, मेरे हृदय को लालच की ओर नहीं, किन्तु अपनी सािक्षयों की ओर झुका
व्यर्थ वस्तुओं की ओर से मेरी आंखें हटा; मुझे अपने मार्ग के लिए जीवन दे। तेरे भक्तों के लिए तेरी जो प्रतिज्ञा है, उसे अपने सेवक के लिए भी पुष्ट कर।
मेरी निंदा दूर कर, उससे मैं डरता हूं; तेरे न्याय-सिद्धान्त उत्तम हैं। मैं तेरे आदेशों की अभिलाषा करता हूं; मुझे अपनी धार्मिकता से पुनर्जीवित कर।