मेरा प्राण शान्ति से परमेश्वर की प्रतीक्षा करता है, मेरा उद्धार उसी से है। वही मेरा चट्टान और मेरा उद्धार है, वह मेरा गढ़ है, मैं अधिक नहीं हिलूंगा।
मेरा प्राण शान्ति से परमेश्वर की प्रतीक्षा करता है, क्योंकि मेरी आशा उसी से है। वही मेरी चट्टान और मेरा उद्धार है; वह मेरा गढ़ है, मैं नहीं हिंलूगा।
परमेश्वर पर ही मेरा उद्धार और सम्मान आधारित है, मेरी दृढ़ चट्टान और शरण-स्थल परमेश्वर ही है। लोगो, हर समय परमेश्वर पर ही भरोसा करो। उसके सम्मुख अपना हृदय उण्डेल दो, परमेश्वर ही हमारे लिए शरण-स्थल है।
मेरा उद्धार उसी से है। मेरी आशा उसी से है।