भजन संहिता 98 – प्रभु के लिए नया गीत गाओ

प्रभु के लिए नया गीत गाओ; क्‍योंकि प्रभु ने अद्भुत कार्य किए हैं! उसके दाहिने हाथ ने उसकी पवित्र भुजा ने विजय प्राप्‍त की है।

प्रभु ने अपना उद्धार घोषित किया है, राष्‍ट्रों के सम्‍मुख अपनी धार्मिकता प्रकट की है। प्रभु ने इस्राएल के घराने के प्रति अपनी करुणा और सच्‍चाई को स्‍मरण किया है; पृथ्‍वी के समस्‍त सीमान्‍तों ने हमारे परमेश्‍वर के उद्धार को देखा है।

हे पृथ्‍वी के लोगो, प्रभु का जय-घोष करो; उत्‍साहपूर्वक जयजयकार करो, स्‍तुति गाओ। सितार के साथ, दसतार सहित गीत के मधुर लय के साथ प्रभु की स्‍तुति गाओ! तुरही और नरसिंगे के स्‍वर में, प्रभु, राजा के सम्‍मुख जयघोष करो!

सागर और उसकी परिपूर्णता, संसार और उसके निवासी, उल्‍लासपूर्वक गर्जन करें। सरिताएं करतल ध्‍वनि करें। पर्वत मिलकर प्रभु के सम्‍मुख जयजयकार करें; क्‍योंकि वह पृथ्‍वी का न्‍याय करने को आ रहा है; वह धार्मिकता से संसार का, और निष्‍पक्षता से सब जातियों का न्‍याय करेगा।


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