प्रभु मेरा चरवाहा है,
मुझ-भेड़ को अभाव न होगा।
वह मुझे हरी-भरी भूमि पर विश्राम कराता है;
वह मुझे झरने के शांत तट पर ले जाता है;
वह मुझे नवजीवन देता है;
वह अपने नाम के लिए
धर्म के मार्ग पर मेरा नेतृत्व करता है।
यद्यपि मैं घोर अंधकारमय घाटी से
गुजरता हूँ,
तो भी अनिष्ट से नहीं डरता,
क्योंकि हे प्रभु, तू मेरे साथ है।
तेरी सोंठी, तेरी लाठी मुझे सहारा देती हैं।
मेरे शत्रुओं की उपस्थिति में
तू मेरे लिए खाने की मेज़ लगाता है;
तू तेल से मेरे सिर का अभ्यंजन करता है,
मेरा प्याला छलक रहा है।
निश्चय भलाई और करुणा
जीवन भर मेरा अनुसरण करेंगी;
और मैं प्रभु के घर में
युग-युगांत निवास करूंगा।