भजन संहिता 34 – मैं प्रभु को हर समय धन्‍य कहूँगा

मैं प्रभु को हर समय धन्‍य कहूँगा।
मैं निरन्‍तर उसकी स्‍तुति करता रहूंगा।
मेरा प्राण प्रभु पर गर्व करेगा;
दु:खी मनुष्‍य यह सुन कर सुखी होगा।
मेरे साथ प्रभु का गुणगान करो;
हम सब उसके नाम को उन्नत करें।

मैंने प्रभु को खोजा;
और उसने मुझे उत्तर दिया,
उसने मेरे सब भय से मुझे मुक्‍त किया
प्रभु पर दृष्‍टि करो,
तब तुम्‍हारा मुख प्रकाशमय हो जाएगा;
और तुम अपने विश्‍वास के लिए
कभी लज्‍जित न होगे!

इस पीड़ित व्यक्‍ति ने प्रभु को पुकारा,
और प्रभु ने उसकी प्रार्थना सुनी;
प्रभु ने उसके सब संकटों से उसको
बचाया।
जो लोग प्रभु की भक्‍ति करते हैं,
उन्‍हें प्रभु का दूत चारों ओर से घेरे रहता है;
वह उन्‍हें मुक्‍त करता है।

परखकर देखो कि प्रभु कितना भला है।
धन्‍य है वह व्यक्‍ति जो प्रभु की शरण में
आता है।
ओ प्रभु के संतो! प्रभु से डरो।
जो लोग प्रभु से डरते हैं, उन्‍हें अभाव नहीं
होता।


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